1. मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना 2026 के तहत छात्राओं को कितनी सहायता राशि मिलती है?
• इस योजना के अंतर्गत बिहार के सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में नामांकित कक्षा 9वीं की छात्राओं को नई साइकिल खरीदने के लिए ₹3,000 की एकमुश्त (One-time) वित्तीय सहायता राशि सीधे उनके या उनके अभिभावक के बैंक खाते में भेजी जाती है।
2. क्या इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए स्कूल में उपस्थिति का कोई नियम निर्धारित है?
• हां, मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना का लाभ केवल उन्हीं छात्राओं को मिलता है जिनकी संबंधित शैक्षणिक सत्र के दौरान विद्यालय में न्यूनतम 75% (पचहत्तर प्रतिशत) उपस्थिति दर्ज होती है। स्कूल के प्रधानाध्यापक द्वारा सत्यापित किए जाने के बाद ही डेटा मेधासॉफ्ट पर अपलोड होता है।
3. छात्राएं अपने साइकिल योजना के पैसे का भुगतान स्टेटस (Payment Status) ऑनलाइन कैसे चेक कर सकती हैं?
• आवेदक शिक्षा विभाग के आधिकारिक मेधासॉफ्ट पोर्टल medhasoft.bih.nic.in पर जा सकते हैं, वहां 'Click here to View Student Detail / Status' विकल्प को चुनें। इसके बाद अपने जिले, ब्लॉक, स्कूल का नाम, कक्षा 9 और अपना एडमिशन नंबर या अकाउंट नंबर दर्ज कर सर्च बटन पर क्लिक कर स्टेटस देख सकते हैं।
4. साइकिल योजना के लिए पात्र होने के लिए बैंक खाते में क्या एक्टिव होना आवश्यक है?
• योजना की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है, इसलिए छात्रा या अभिभावक का बैंक खाता चालू स्थिति में होना चाहिए और उसमें आधार सीडिंग (Aadhar Seeding) और नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) मैपिंग का सक्रिय होना अनिवार्य है।
5. क्या पैसे मिलने के बाद स्कूल में साइकिल खरीदने की रसीद जमा करना अनिवार्य है?
• हां, बैंक खाते में ₹3,000 प्राप्त होने के बाद छात्राओं को साइकिल खरीदकर उसकी मूल जीएसटी (GST) चालान या क्रय रसीद अपने संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक (Headmaster) के पास भौतिक सत्यापन के लिए जमा करनी होती है, ताकि रिकॉर्ड को पोर्टल पर लॉक किया जा सके।
6. क्या कक्षा 9वीं के छात्रों (Boys) को भी इस साइकिल योजना का लाभ मिलता है?
• मुख्यमंत्री बालक साइकिल योजना के तहत केवल अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के छात्रों को ही ₹3,000 का लाभ दिया जाता है। इसके विपरीत, बालिकाओं (Girls) के लिए यह योजना सभी श्रेणियों (सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी) पर समान रूप से लागू है।