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PM Fasal Bima Yojana Bihar 2026: Online Registration, Premium Rates & Guidelines

Post Date / Update:17 June 2026 | 03:32 PM
Short Information:बिहार राज्य कैबिनेट ने पुरानी फसल सहायता योजना को बंद कर आगामी रबी 2026-27 सत्र से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) लागू करने का निर्णय लिया है। नाममात्र प्रीमियम पर मिलने वाले व्यापक सुरक्षा कवच और मुआवजे की पूरी जानकारी यहाँ देखें।

कृषि विभाग, बिहार सरकार
Bihar PM Fasal Bima Yojana (PMFBY) 2026
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना — बिहार राज्य फसल सहायता योजना के स्थान पर नई व्यवस्था
🎉 कैबिनेट का बड़ा फैसला: रबी 2026-27 सीजन से राज्य में लागू होगी राष्ट्रीय फसल बीमा नीति
बिहार के किसान भाई-बहनों के लिए कृषि क्षेत्र से जुड़ी एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरगामी खबर सामने आई है। बिहार राज्य कैबिनेट की उच्च स्तरीय बैठक में यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है कि वर्ष 2018 से राज्य में चलाई जा रही बिहार राज्य फसल सहायता योजना को अब पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। इसके स्थान पर केंद्र सरकार की लोक-प्रसिद्ध प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को राज्य में पुनः प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। कैबिनेट के आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह नई बीमा प्रणाली आगामी रबी 2026-27 सीजन से पूर्णतः लागू हो जाएगी। इस प्रशासनिक फेरबदल से अब बिहार के अन्नदाताओं को सीमित सहायता राशि के बजाय प्राकृतिक आपदाओं, बाढ़, सूखा और ओलावृष्टि से फसल नष्ट होने पर राष्ट्रीय मापदंडों के अनुसार व्यापक बीमा सुरक्षा कवच और अधिक मुआवजा मिल सकेगा। योजना के प्रीमियम ढांचे, पात्रता नियमों और आवेदन प्रारूप की बिंदुवार समीक्षा नीचे दी गई है।
योजना का संक्षिप्त अवलोकन
लागू होने वाला सत्र: रबी 2026-27 सीजन से प्रभावी
घोषणा का माध्यम: बिहार राज्य कैबिनेट बैठक निर्णय
पुरानी व्यवस्था की स्थिति: फसल सहायता योजना अब बंद
योजना का स्वरूप: पूर्णतः स्वैच्छिक (स्वयं की इच्छा पर निर्भर)
नुकसान आकलन तकनीक: ड्रोन एवं सैटेलाइट इमेजिंग द्वारा
प्रीमियम एवं डिजिटल सब्सिडी प्रविष्टि
खरीफ फसलों हेतु प्रीमियम: 1.5% (कुल बीमा राशि का)
रबी फसलों हेतु प्रीमियम: 2.0% (कुल बीमा राशि का)
बागवानी/व्यावसायिक फसलें: 5.0% (कुल बीमा राशि का)
शेष प्रीमियम वहन मोड: केंद्र और राज्य सरकार द्वारा (सब्सिडी)
🛡️ वित्तीय सुरक्षा चक्र: पूर्ववर्ती राज्य योजना में सहायता राशि की एक अधिकतम सीमा तय थी, परंतु PMFBY के तहत किसानों को वास्तविक नुकसान और पूरी कृषि भूमि के बीमित मूल्य के आधार पर व्यापक कवरेज दिया जाता है।
योजनाओं में मुख्य अंतर: बिहार फसल सहायता बनाम PMFBY
तुलना के आधारपुरानी बिहार राज्य फसल सहायता योजना (अब बंद)नई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY 2026)
किसान प्रीमियमकिसानों को कोई प्रीमियम नहीं देना पड़ता था।किसानों को नाममात्र का प्रीमियम (1.5% से 5%) देना होगा।
कवरेज का दायराकेवल चयनित पंचायतों और पूर्व-घोषित प्रभावित क्षेत्रों तक सीमित।सभी अधिसूचित क्षेत्रों के पात्र किसान अपनी पूरी भूमि का बीमा करा सकते हैं।
सुरक्षा चक्र की अवधिकेवल खड़ी फसल के नुकसान पर ही सहायता अनुमत थी।बुआई के समय से लेकर कटाई के बाद तक (Post-Harvest) के नुकसान का व्यापक कवर।
क्षति का आकलनपारंपरिक सरकारी राजस्व सर्वे रिपोर्ट के आधार पर।ड्रोन टेक्नोलॉजी, सैटेलाइट इमेजिंग और आधुनिक डिजिटल मैपिंग द्वारा पारदर्शी आकलन।
मुआवजा राशिअधिकतम आर्थिक सहायता की सीमा सीमित (कैपिंग सिस्टम) थी।राष्ट्रीय स्तर के मानदंडों के अनुसार बड़े नुकसान पर बहुत अधिक मुआवजा संभव।
योजना के लिए अनिवार्य पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
मूल निवास एवं भूमि स्वामित्व
आवेदक अनिवार्य रूप से बिहार राज्य का स्थायी निवासी किसान होना चाहिए। उसके पास स्वयं की कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए अथवा वह वैध पट्टेदार/बटाईदार किसान के रूप में निबंधित होना चाहिए।
राजस्व रिकॉर्ड एवं बैंक मैपिंग
किसान का नाम स्थानीय भूमि अभिलेखों (LPC/रसीद) में दर्ज होना चाहिए। इसके अतिरिक्त, डीबीटी (DBT) के माध्यम से क्लेम राशि सीधे प्राप्त करने के लिए बैंक खाता का आधार से लिंक होना अनिवार्य है
स्वैच्छिक सहभागिता नियम
यह योजना पूरी तरह से स्वैच्छिक (Voluntary) रखी गई है। राज्य का कोई भी किसान अपनी इच्छा के अनुसार निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी फसलों का बीमा कराने के लिए स्वतंत्र है।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Mandatory Document Checklist)
पोर्टल पर डिजिटल प्रविष्टि लॉक करने और दावों के निपटान हेतु किसानों के पास निम्नलिखित वैध दस्तावेजों का होना आवश्यक है:
पहचान पत्र के साक्ष्य: आधार कार्ड और हाल ही की पासपोर्ट साइज फोटो।
बैंक खाता विवरण: बैंक पासबुक की प्रति (जिसमें आईएफएससी कोड स्पष्ट अंकित हो)।
कृषि भूमि के कानूनी साक्ष्य: भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र (LPC) अथवा हालिया कटी हुई लगान रसीद।
स्व-घोषणा / फसल विवरण: बोई गई फसल के रकबे से संबंधित स्व-घोषणा पत्र या पटवारी/राजस्व कर्मचारी द्वारा सत्यापित प्रमाण।
सक्रिय संपर्क माध्यम: किसान पंजीकरण संख्या से जुड़ा सक्रिय मोबाइल नंबर।
(नोट: प्रशासनिक दिशानिर्देशों के अनुसार, सुरक्षा मानकों के तहत किसी भी डिजिटल फॉर्म या कोड प्रविष्टि में संवेदनशील व्यक्तिगत सरकारी पहचान नंबरों को सुरक्षित रखें और केवल अनुमत प्रारूप ही प्रस्तुत करें।)
PM Fasal Bima Yojana Bihar 2026: Online Registration, Premium Rates Guidelines
आवेदन जमा करने की विस्तृत परिचालन प्रक्रिया
रबी 2026-27 सीजन के लिए जब बिहार कृषि विभाग और राष्ट्रीय पोर्टल का इंटरफेस पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा, तब किसान भाई नीचे दी गई प्रणालियों से अपना पंजीकरण लॉक कर सकेंगे:

💻 ऑनलाइन डिजिटल माध्यम (Online Process):
  1. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के आधिकारिक राष्ट्रीय सर्वर पर जाएं या बिहार कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल को ओपन करें।
  2. होमपेज पर मौजूद 'Farmer Corner' के अंतर्गत "Apply for Crop Insurance" लिंक का चयन करें।
  3. अपनी वैध किसान पंजीकरण संख्या दर्ज करें और जनरेटेड ओटीपी के माध्यम से लॉगिन सत्यापित करें।
  4. अपनी कृषि भूमि का खाता, खेसरा, बीमित फसल का नाम और कुल रकबा (एरिया) सावधानीपूर्वक भरें।
  5. अपने अनिवार्य दस्तावेज जैसे भू-रसीद, बैंक पासबुक और फसल विवरण की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
  6. डिजिटल गेटवे के माध्यम से अपने हिस्से की नाममात्र प्रीमियम राशि का ऑनलाइन भुगतान करें और अंतिम सबमिशन के बाद बीमा पॉलिसी पावती रसीद (Acknowledgement Receipt) का प्रिंट आउट सुरक्षित रख लें।
🏛️ ऑफलाइन पारंपरिक माध्यम (Offline Process):
• किसान भाई अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC - वसुधा केंद्र) पर जाकर संचालक के माध्यम से मामूली शुल्क देकर ऑनलाइन प्रविष्टि करा सकते हैं।
• इसके अतिरिक्त, आप अपनी निकटतम वाणिज्यिक बैंक शाखा, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक या सहकारी बैंक में जाकर भी अपनी फसल का बीमा फॉर्म ऑफलाइन जमा कर सकते हैं। लोन लेने वाले (KCC धारक) किसानों का बीमा बैंक द्वारा स्वतः प्रक्रिया के तहत अग्रसारित किया जा सकता है, यदि वे लिखित में मना नहीं करते।
कृषि विभाग एवं फसल बीमा महत्वपूर्ण डायरेक्ट लिंक्स
 Bihar DBT Agriculture Farmers Registration PortalVisit DBT Agriculture
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Disclaimer / निष्कर्ष: बिहार सरकार द्वारा पुरानी राज्य फसल सहायता योजना को विलोपित कर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को रबी 2026-27 से लागू करने का यह निर्णय किसानों को वैश्विक आपदाओं से दीर्घकालिक सुरक्षा देने की ओर एक बड़ा कदम है। इस सूचनात्मक लेख में संकलित प्रीमियम दरें, पात्रता मानदंड और डिजिटल सर्वर लिंक केवल जन-जागरूकता हेतु संकलित किए गए हैं। बीमा दावों के नियमों, तकनीकी संशोधनों, फसल कटनी प्रयोग (CCE) पद्धतियों और सब्सिडी आवंटन का पूर्ण अधिकार कृषि विभाग, बिहार सरकार और संबंधित बीमा कंपनियों के पास सुरक्षित है। आवेदकों से अनुरोध है कि वे किसी भी दावे को लॉक करने से पहले सरकार के आधिकारिक मुख्य सर्वर पर उपलब्ध नवीनतम अधिसूचना का मिलान अवश्य कर लें।

Frequently Asked Questions
1. बिहार सरकार के कैबिनेट फैसले के अनुसार राज्य में कौन सी नई फसल बीमा योजना लागू की जा रही है?
• बिहार कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, राज्य में पिछले कई वर्षों से चल रही 'बिहार राज्य फसल सहायता योजना' को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसके स्थान पर अब राष्ट्रीय स्तर की 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' (PMFBY) को पुनः लागू किया जा रहा है।
2. बिहार में नई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) किस सीजन से प्रभावी रूप से लागू होगी?
• कृषि विभाग के आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह नई बीमा व्यवस्था आगामी रबी 2026-27 सीजन की फसलों की बुआई के साथ पूरे राज्य में व्यापक रूप से प्रभावी हो जाएगी।
3. PM Fasal Bima Yojana 2026 के तहत किसानों को फसलों के अनुसार कितना प्रीमियम देना होगा?
• इस योजना के तहत किसानों को कुल बीमित राशि का बहुत कम हिस्सा देना होता है — खरीफ फसलों के लिए 1.5%, रबी फसलों के लिए 2% तथा बागवानी एवं व्यावसायिक फसलों के लिए 5% प्रीमियम निर्धारित है। शेष प्रीमियम राशि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करती हैं।
4. पुरानी बिहार फसल सहायता योजना और नई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में क्या मुख्य अंतर है?
• पुरानी योजना में किसानों को कोई प्रीमियम नहीं देना होता था परंतु मुआवजा राशि काफी सीमित थी। नई योजना (PMFBY) में किसानों को नाममात्र का प्रीमियम देना होगा, लेकिन इसमें बुआई से लेकर कटाई के बाद (Post-Harvest) तक का व्यापक रिस्क कवर और बड़े पैमाने पर नुकसान होने पर काफी अधिक मुआवजा मिलने की संभावना रहती है।
5. बिहार के किसान इस योजना के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कैसे कर सकते हैं?
• जब इसका पोर्टल पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा, तब किसान आधिकारिक वेबसाइट pmfby.gov.in या बिहार कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे। ऑफलाइन माध्यम के लिए किसान नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC वसुधा केंद्र) या अपनी संबंधित बैंक शाखा से संपर्क कर फॉर्म भर सकते हैं।
Please check the official website for any updates regarding the recruitment process.
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