1. PM स्वनिधि योजना 2026 के तहत अधिकतम कितना लोन मिल सकता है?
• इस योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्स को तीन चरणों में कुल ₹50,000 तक का लोन मिल सकता है। पहले चरण में ₹10,000, दूसरे चरण में ₹20,000 और तीसरे चरण में ₹50,000 तक का वर्किंग कैपिटल लोन प्रदान किया जाता है।
2. क्या पीएम स्वनिधि लोन के लिए किसी गारंटी (Collateral) की आवश्यकता होती है?
• नहीं, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना पूरी तरह से संपार्श्विक मुक्त (Collateral-Free) है। छोटे रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को अपने काम को बढ़ाने के लिए बिना किसी गारंटी या सुरक्षा के यह लोन दिया जाता है।
3. योजना में मिलने वाली 7% ब्याज सब्सिडी का लाभ कैसे मिलता है?
• यदि लाभार्थी अपने लोन की मासिक किश्तों का भुगतान समय पर या उससे पहले करता है, तो सरकार द्वारा 7% की वार्षिक ब्याज सब्सिडी दी जाती है। यह सब्सिडी राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में तिमाही (Quarterly) आधार पर DBT के माध्यम से जमा होती है।
4. डिजिटल ट्रांजैक्शन करने पर कितना कैशबैक मिलता है?
• यदि वेंडर अपने व्यापार में UPI (जैसे BHIM, Google Pay, PhonePe, Paytm) के माध्यम से डिजिटल लेनदेन करते हैं, तो उन्हें सरकार की तरफ से ₹100 प्रति माह के हिसाब से सालाना अधिकतम ₹1,200 तक का कैशबैक प्रोत्साहन मिलता है।
5. पीएम स्वनिधि योजना के लिए वेंडिंग सर्वे स्टेटस (Survey Status) कैसे चेक करें?
• आवेदक आधिकारिक पोर्टल (pmsvanidhi.mohua.gov.in) पर जाकर 'Know Your Survey Status' लिंक पर क्लिक कर सकते हैं। वहाँ अपने राज्य, शहरी स्थानीय निकाय (ULB) का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करके वेंडर सर्वे सूची में अपने नाम की स्थिति देख सकते हैं।