Top Sarkari Yojana For Farmers 2026: किसानों के लिए Best सरकारी योजनाएं, जानें आवेदन प्रक्रिया व डायरेक्ट लिंक्स
Top Sarkari Yojana For Farmers 2026: आज के बदलते दौर में आधुनिक तरीकों से खेती करना और फसलों को प्राकृतिक आपदाओं से बचाना बड़ी चुनौती है। कभी मौसम की बेरुखी (जैसे सूखा, अत्यधिक बाढ़ या बेमौसम बारिश), तो कभी बाजार में फसलों का सही मूल्य न मिलना इन सभी कारणों से हमारे किसान भाइयों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। देश के अन्नदाताओं की इसी परेशानी को दूर करने और उनकी आमदनी को दोगुना करने के लिए केंद्र सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों ने कई महत्वाकांक्षी और कल्याणकारी योजनाएं चलाई हैं।
लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आज भी देश के लाखों छोटे और सीमांत किसान सही समय पर जानकारी न मिलने के कारण इन Best Sarkari Yojana For Farmers का पूरा लाभ नहीं उठा पाते हैं। डिजिटल इंडिया के इस युग में सरकार ने लगभग सभी किसान योजनाओं की आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। अब किसान भाई घर बैठे या अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर कुछ ही मिनटों में इन कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ सकते हैं और सीधे अपने बैंक खाते में वित्तीय सहायता (DBT Subsidies) प्राप्त कर सकते हैं।
चाहे बात हर साल मिलने वाली ₹6,000 की नकद सहायता (PM Kisan) की हो, बेहद कम ब्याज दर पर कृषि ऋण (KCC) की हो, फसल बर्बादी के खिलाफ मिलने वाले पूर्ण सुरक्षा कवच (PMFBY) की हो, या फिर कृषि यंत्रों पर मिलने वाली बंपर सब्सिडी की सरकार हर कदम पर किसानों के साथ खड़ी है। इस पोस्ट में हम आपको वर्ष 2026 की टॉप 7 सरकारी योजनाओं के बारे में ए टू जेड (A-Z) जानकारी जैसे पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, सब्सिडी दर और आवेदन करने के डायरेक्ट लिंक्स बेहद आसान हिंदी भाषा में प्रदान कर रहे हैं। इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें ताकि आप भी एक समृद्ध और आत्मनिर्भर किसान बन सकें।
Table of Contents
Top Sarkari Yojana For Farmers: Quick Overview Table
| लेख का विषय (Article Topic) | किसानों के लिए सर्वश्रेष्ठ सरकारी योजनाएं (Top 7 Schemes) |
|---|
| आर्टिकल का प्रकार | सरकारी योजना / किसान कल्याण (Sarkari Yojana 2026) |
| लाभार्थी दायरा | भारत के सभी पात्र छोटे, सीमांत एवं बड़े किसान |
| योजनाओं की संख्या | टॉप 7 महा-कल्याणकारी सरकारी योजनाएं |
| आवेदन का माध्यम | ऑनलाइन पोर्टल (Official Websites) एवं नजदीकी CSC / वसुधा केंद्र |
| मुख्य उद्देश्य | किसानों को वित्तीय सुरक्षा, कम ब्याज पर ऋण, पेंशन और आधुनिक यंत्र प्रदान करना |
| नोडल पोर्टल | www.mygov.in |
नीचे हमने उन सभी 7 सर्वश्रेष्ठ योजनाओं का गहन विश्लेषण किया है जो भारत के किसी भी राज्य में रहने वाले किसानों की तकदीर और तस्वीर बदलने की क्षमता रखती हैं। कृपया प्रत्येक योजना की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया को ध्यान से समझें ताकि फॉर्म भरते समय आपका आवेदन रिजेक्ट न हो।
1. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi)
केंद्र सरकार द्वारा संचालित PM Kisan Yojana देश के किसानों के लिए सबसे लोकप्रिय और सबसे बड़ी प्रत्यक्ष नकद सहायता योजना है। इस योजना के तहत योग्य किसान परिवारों को प्रति वर्ष ₹6,000 की निश्चित आर्थिक सहायता मिलती है। यह पूरी राशि सीधे लाभार्थी किसान के आधार से लिंक बैंक खाते में डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है, जिससे किसी भी बिचौलिये या कमीशनखोरी की गुंजाइश नहीं रहती।
किस्त वितरण का चक्र (Instalment Pattern):
यह ₹6,000 की राशि किसानों को एकमुश्त नहीं मिलती, बल्कि पूरे साल भर में तीन बराबर किस्तों के रूप में दी जाती है। प्रत्येक 4 महीने के अंतराल पर किसानों के खाते में ₹2,000 की किस्त ट्रांसफर की जाती है। यह पैसा मुख्य रूप से किसानों को बुआई के समय बीज, जैविक खाद, कीटनाशक और सिंचाई की तात्कालिक जरूरतें पूरी करने में मदद करता है.
PM-Kisan हेतु आवश्यक पात्रता व दस्तावेज:
- आवेदक किसान के पास अपने नाम पर वैध कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए (जमीन की जमाबंदी/रसीद अनिवार्य है)।
- किसान का आधार कार्ड होना चाहिए और वह मोबाइल नंबर से लिंक होना अनिवार्य है।
- बैंक खाता पूरी तरह एक्टिव होना चाहिए और उसमें आधार सीडिंग (Aadhaar Seeding) व NPCI मैपिंग अनिवार्य रूप से पूरी होनी चाहिए।
- कोई भी संस्थागत भूमि धारक या आयकर (Income Tax) दाता परिवार इस योजना का लाभ नहीं ले सकता।
आवेदन की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया (How to Register):
- सबसे पहले योजना के आधिकारिक वेब पोर्टल pmkisan.gov.in पर जाएं।
- होमपेज पर मौजूद "Farmers Corner" के अंतर्गत "New Farmer Registration" के विकल्प को चुनें।
- अपना आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करें, अपने राज्य (जैसे बिहार) का चयन करें और ओटीपी सत्यापित करें।
- इसके बाद मुख्य आवेदन फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत जानकारी के साथ-साथ जमीन का विवरण (खाता, खेसरा, रकबा) बिल्कुल सही-सही भरें।
- अपनी जमीन के दस्तावेज (LPC या रसीद) पीडीएफ फॉर्मेट में अपलोड करें और फॉर्म को फाइनल सबमिट कर दें।
- आप अपने नजदीकी वसुधा केंद्र / CSC सेंटर पर जाकर भी अपने बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के माध्यम से यह फॉर्म आसानी से भरवा सकते हैं।
2. किसान क्रेडिट कार्ड योजना (Kisan Credit Card - KCC)
खेती के सीजन में जब किसानों को अचानक बड़े पैमाने पर पैसों की आवश्यकता होती है, तो वे अक्सर स्थानीय साहूकारों या सूदखोरों के चंगुल में फंस जाते हैं, जो उनसे ऊंची ब्याज दरें वसूलते हैं। किसानों को इस कर्ज के जाल से मुक्त कराने के लिए राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) के सहयोग से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना चलाई जा रही है। इस योजना को पूरी तरह से पीएम किसान योजना से लिंक कर दिया गया है, जिससे लोन मिलने की प्रक्रिया सरल हो गई है।
इस योजना के तहत किसानों को रियायती दरों पर ₹3,00,000 (3 लाख रुपये) तक का अल्पकालिक कृषि ऋण (Short Term Crop Loan) प्रदान किया जाता है। KCC के तहत आधिकारिक ब्याज दर 9% है, लेकिन सरकार इस पर 2% की ब्याज छूट देती है, जिससे दर घटकर 7% रह जाती है। अगर कोई किसान अपने लोन की किस्तों का भुगतान समय पर या समय से पहले (Prompt Repayment) कर देता है, तो उसे 3% की अतिरिक्त छूट मिलती है। इसका मतलब है कि उसे केवल 4% सालाना ब्याज पर लोन मिलता है।
KCC के तहत मिलने वाले मुख्य लाभ:
- फसल की बुआई, कटाई और विपणन (Marketing) के खर्चों के लिए तत्काल नकद राशि।
- कृषि के साथ-साथ अब पशुपालन (Animal Husbandry), डेयरी उद्योग, मत्स्य पालन (Fisheries) और कुक्कुट पालन के लिए भी ₹2 लाख तक का लोन KCC के तहत लिया जा सकता है।
- ₹1.60 लाख तक के KCC लोन के लिए किसानों को बैंक में कोई भी जमीन गिरवी नहीं रखनी पड़ती है।
KCC के लिए आवेदन कैसे करें?
ऑफलाइन माध्यम: अपने नजदीकी वाणिज्यिक या ग्रामीण बैंक की शाखा में जाएं, जहां आपका बचत खाता है। वहां से KCC आवेदन फॉर्म लें, उसमें अपनी जमीन का विवरण (खसरा-खतौनी) और बोई जाने वाली फसल की जानकारी भरें। बैंक आपके दस्तावेजों के सत्यापन के बाद अधिकतम 15 दिनों में KCC कार्ड जारी कर देता है।
ऑनलाइन माध्यम: किसान भाई CSC (CSC) के डिजिटल सेवा पोर्टल के माध्यम से या सीधे पीएम किसान की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन मोड में भी KCC के लिए आवेदन कर सकते हैं।
3. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana)
प्राकृतिक आपदाओं का सबसे बड़ा असर हमारे किसान भाईयों की मेहनत पर पड़ता है। खड़ी फसलों का पाला पड़ना, अचानक ओलावृष्टि होना, कीटों का हमला या बाढ़ में पूरी फसल का बह जाना— इन सभी अनिश्चितताओं से किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) महत्वपूर्ण साबित हुई है। यह योजना बुआई से लेकर फसल की कटाई के बाद तक के सभी जोखिम को कवर करती है।
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसानों को अपनी फसलों का बीमा कराने के लिए बेहद कम प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है, जबकि बाकी का बड़ा प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर खुद ही वहन करती हैं।
फसल वार निर्धारित प्रीमियम की दरें (Premium Rates Structure):
| फसल का प्रकार (Crop Category) | किसान द्वारा देय प्रीमियम दर | कवर किए जाने वाले मुख्य जोखिम |
|---|
| खरीफ फसलें (धान, मक्का, बाजरा आदि) | केवल 2.0% | बाढ़, सूखा, मूसलधार बारिश, भूस्खलन |
| रबी फसलें (गेहूं, चना, सरसों, जौ आदि) | केवल 1.5% | शीतलहर, ओलावृष्टि, बेमौसमी चक्रवाती बारिश |
| वाणिज्यिक एवं बागवानी फसलें (गन्ना, आलू, कपास आदि) | अधिकतम 5.0% | कीटों का व्यापक हमला, स्थानीय प्राकृतिक आपदाएं |
फसल नुकसान की स्थिति में क्लेम (Claim Process) कैसे लें?
यदि किसी प्राकृतिक आपदा के कारण आपकी फसल बर्बाद हो जाती है, तो बीमा का लाभ पाने के लिए आपको नुकसान के **72 घंटों के भीतर** इसकी सूचना बीमा कंपनी, स्थानीय कृषि पदाधिकारी या टोल-फ्री नंबर **1800-180-1551** पर देनी होगी। इसके बाद सर्वेक्षक आपके खेत का दौरा करके नुकसान का आकलन करेगा। क्लेम की राशि सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। आप इसकी आधिकारिक वेबसाइट pmfby.gov.in या 'Crop Insurance App' के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं।
4. प्रधानमंत्री जनधन योजना (Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana)
प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) एक वित्तीय समावेशन की योजना है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले किसानों के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के प्रत्येक नागरिक, खासकर दूर-दराज के गांवों में रहने वाले गरीब किसानों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना है। इस योजना के तहत देश के किसी भी बैंक या डाकघर (Post Office) में **जीरो बैलेंस (Zero Balance Account)** पर बचत खाता खोला जा सकता है।
किसानों के लिए जनधन खाते के खास फायदे:
- नो-मिनिमम बैलेंस झंझट: इस खाते में न्यूनतम राशि बनाए रखने की कोई कानूनी बाध्यता नहीं होती, जिससे पेनाल्टी कटने का डर खत्म हो जाता है।
- फ्री रुपे डेबिट कार्ड (Rupay Debit Card): खाता खोलने पर किसानों को एक निशुल्क एटीएम कम डेबिट कार्ड दिया जाता है।
- ₹2,00,000 का मुफ्त दुर्घटना बीमा: इस रुपे कार्ड के साथ खाताधारक को ₹2 लाख तक का इन-बिल्ट एक्सीडेंटल इंश्योरेंस कवर पूरी तरह मुफ्त मिलता है।
- ₹10,000 की ओवरड्राफ्ट (OD) सुविधा: यदि किसान के खाते में कोई राशि नहीं है, तब भी वह किसी आपातकालीन स्थिति या खेती की जरूरत के लिए बैंक से ₹10,000 तक की ओवरड्राफ्ट राशि (ऋण के रूप में) तुरंत निकाल सकता है।
आवेदन कैसे करें: जनधन खाता खुलवाना बहुत आसान है। आप अपने पास के किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (Gramin Bank) या मिनी बैंक (Business Correspondent) में जाकर एक साधारण आवेदन फॉर्म भरकर, साथ में आधार कार्ड और एक पासपोर्ट साइज फोटो लगाकर तुरंत यह खाता सक्रिय करवा सकते हैं। इसकी विस्तृत नियमावली आप pmjdy.gov.in पर देख सकते हैं।
5. प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (Pradhan Mantri Gramin Awas Yojana)
ग्रामीण भारत के विकास और गरीब व बेघर किसान परिवारों को सम्मानजनक जीवन देने के लिए **प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G)** एक संवेदनशील योजना है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई छोटे किसान और खेतिहर मजदूर आज भी टूटे-फूटे कच्चे मकानों या झोपड़ियों में रह रहे हैं। सरकार ऐसे सभी पात्र परिवारों को पहचानकर उन्हें पक्का मकान (All-Weather Pucca House) बनाने के लिए सीधी नकद वित्तीय सहायता देती है।
मिलने वाली वित्तीय सहायता का विवरण (Financial Assistance Broken Down):
- मैदानी क्षेत्रों के लिए (Plain Areas): पक्के मकान के निर्माण के लिए सरकार सीधे **₹1,20,000** की नकद राशि चरणों में दी जाती है।
- पहाड़ी व दुर्गम क्षेत्रों के लिए (Hilly Areas): उत्तर-पूर्वी राज्यों और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों के लिए यह राशि **₹1,30,000** होती है।
- मनरेगा (MGNREGA) के तहत अतिरिक्त लाभ: मकान निर्माण में काम करने के लिए लाभार्थी को मनरेगा के तहत 90 से 95 दिनों की अकुशल मजदूरी का भुगतान (लगभग ₹20,000 अतिरिक्त) अलग से दिया जाता है।
- शौचालय निर्माण हेतु सहायता: स्वच्छ भारत मिशन के समन्वय से घर में शौचालय बनाने के लिए **₹12,000** की अतिरिक्त राशि प्रदान की जाती है।
PMAY-G में आवेदन और चयन की प्रक्रिया:
इस योजना की खास बात यह है कि इसमें किसी को भी बिचौलियों को पैसे देने की जरूरत नहीं है। सरकार **सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना (SECC)** और आवास प्लस ऐप के सर्वे डेटा के आधार पर खुद एसी प्राथमिकता सूची तैयार करती है। यदि आपका नाम ग्राम सभा द्वारा स्वीकृत सूची में नहीं है, तो आप अपने वार्ड सदस्य, मुखिया या प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) कार्यालय के माध्यम से अपना नाम जुड़वाने के लिए ऑफलाइन या सीएससी सेंटर के माध्यम से ऑनलाइन रिक्वेस्ट कर सकते हैं। इसकी आधिकारिक वेबसाइट pmayg.nic.in है.
6. पीएम किसान मानधन योजना (PM Kisan Mandhan Yojana)
किसान भाई अपनी पूरी जवानी और ऊर्जा खेतों में पसीना बहाकर देश का पेट भरने में लगा देते हैं। लेकिन वृद्धावस्था में जब शरीर काम करना बंद करता है, तब उनके पास कोई आय का साधन नहीं बचता। इसी सामाजिक असुरक्षा को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने **PM Kisan Mandhan Yojana (कृषि पेंशन स्कीम)** की शुरुआत की है। यह योजना छोटे और सीमांत किसानों को बुढ़ापे में सम्मान के साथ जीने का सहारा देती है।
इस योजना के तहत जब पंजीकृत किसान की उम्र **60 वर्ष** पूरी हो जाती है, तो उसे सरकार से आजीवन **₹3,000 प्रति माह (₹36,000 सालाना) की सुनिश्चित पेंशन** मिलनी शुरू हो जाती है।
आयु के अनुसार अंशदान की तालिका (Contribution Structure):
यह एक स्वैच्छिक और अंशदान आधारित पेंशन योजना है। इसमें शामिल होने के लिए किसान की आयु **18 से 40 वर्ष** के बीच होनी चाहिए। किसान की उम्र के अनुसार उसे हर महीने ₹55 से लेकर ₹200 तक का मासिक प्रीमियम जमा करना होता है। जितनी राशि किसान जमा करता है, केंद्र सरकार भी उतनी ही राशि अपने पेंशन फंड में जमा करती है।
| प्रवेश के समय आयु (Age) | किसान का मासिक अंशदान | सरकार का मासिक योगदान | 60 वर्ष बाद मिलने वाली पेंशन |
|---|
| 18 वर्ष | ₹55/- | ₹55/- | ₹3,000 / माह |
| 25 वर्ष | ₹80/- | ₹80/- | ₹3,000 / माह |
| 30 वर्ष | ₹110/- | ₹110/- | ₹3,000 / माह |
| 40 वर्ष | ₹200/- | ₹200/- | ₹3,000 / माह |
पारिवारिक सुरक्षा प्रावधान (Family Pension Aspect):
अगर पेंशन प्राप्त करते समय मुख्य लाभार्थी किसान की अचानक मृत्यु हो जाती है, तो योजना के नियमों के अनुसार उसकी पत्नी को आधी पेंशन यानी **₹1,500 प्रति माह** पारिवारिक पेंशन के रूप में मिलती रहेगी, जिससे परिवार का गुजारा हो सके।
आवेदन कैसे करें: किसान भाई अपनी बैंक पासबुक, आधार कार्ड और जमीन के कागजात लेकर किसी भी नजदीकी प्रज्ञा केंद्र / सीएससी सेंटर पर जाएं। वहां इसका पंजीकरण बिल्कुल मुफ्त होता है। आप खुद भी pmkmy.gov.in या maandhan.in पोर्टल पर जाकर स्व-रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
7. कृषि यंत्र अनुदान योजना (Krishi Yantra Anudan Scheme)
आजकल पारंपरिक कृषि तरीकों से लागत ज्यादा आती है और फसल की मात्रा कम होती है। इसलिए खेती में मशीनरी का उपयोग करना जरूरी हो गया है। लेकिन कंबाइन हार्वेस्टर, रोटावेटर, ट्रैक्टर या पावर टिलर जैसे आधुनिक उपकरण इतने महंगे होते हैं कि सामान्य किसानों के लिए इन्हें खरीदना मुश्किल होता है। किसानों की इस समस्या के समाधान के लिए सरकार **कृषि यंत्र अनुदान योजना (SMAM - Sub-Mission on Agricultural Mechanization)** चलाती है।
इस योजना के तहत विभिन्न आधुनिक कृषि उपकरणों की खरीद पर किसानों को **40% से लेकर 80% तक की बहुत बड़ी सब्सिडी (अनुदान)** मिलती है। महिला किसानों, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के किसानों को अतिरिक्त छूट और प्राथमिकता दी जाती है।
सब्सिडी के दायरे में आने वाले मुख्य यंत्र:
- ट्रैक्टर एवं पावर टिलर (कृषि कार्यों के लिए)
- रोटावेटर, कल्टीवेटर और थ्रेशर मशीन
- लघु सिंचाई यंत्र जैसे ड्रिप इरिगेशन किट, स्प्रिंकलर (फव्वारा सिंचाई) और सोलर पंप सेट
- फसल अवशेष प्रबंधन के लिए हैप्पी सीडर, स्ट्रॉ रीपर और रीपर-कम-बाइंडर
आवेदन की राज्यवार व्यवस्था:
चूंकि यह योजना राज्य सरकारों के जरिए लागू होती है, हर राज्य का एक विशेष 'कृषि यंत्रीकरण पोर्टल' होता है। उदाहरण के लिए, बिहार के किसान कृषि विभाग के **OFMAS (Online Farmer Management System)** पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन परमिट के लिए आवेदन कर सकते हैं। यदि आवेदन स्वीकृत होता है, तो किसान अधिकृत डीलर से सब्सिडी काटकर बची हुई राशि पर यंत्र खरीद सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए आप केंद्र सरकार के नोडल पोर्टल agrimachinery.nic.in पर जा सकते हैं।
Top Sarkari Yojana For Farmers: Useful Important Links Repository
Frequently Asked Questions (FAQ) - किसान सरकारी योजनाएं
Q1: पीएम किसान सम्मान निधि योजना की किस्तें रुकने पर किसानों को क्या करना चाहिए?
A1: अगर आपकी पीएम किसान योजना की किस्त रुक गई है, तो इसके मुख्य रूप से तीन कारण हो सकते हैं। पहला कारण है आपके खाते का ई-केवाईसी (e-KYC) न होना। दूसरा है भूमि आलेखों का सत्यापन (Land Seeding) पेंडिंग होना। तीसरा है बैंक खाते में आधार एनपीसीआई (NPCI) लिंक न होना। आप pmkisan.gov.in पोर्टल पर जाकर अपना स्टेटस चेक करें और नजदीकी वसुधा केंद्र से इसे तुरंत ठीक करवाएं।
Q2: क्या एक ही किसान परिवार के दो सदस्य पीएम किसान योजना और केसीसी का अलग-अलग लाभ ले सकते हैं?
A2: सरकारी नियमों के अनुसार, पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ एक "किसान परिवार" (जिसमें पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे शामिल हैं) में केवल किसी एक सदस्य को मिल सकता है। अगर परिवार के दो सदस्य अलग-अलग लाभ लेते पाए जाते हैं, तो सरकार उनसे रिकवरी की कार्रवाई कर सकती है। हालांकि, अगर जमीन अलग-अलग नाम से पंजीकृत है, तो अलग परिवारों के रूप में केसीसी लोन लिया जा सकता है।
Q3: कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सब्सिडी का पैसा किसान को कैसे प्राप्त होता है?
A3: कृषि यंत्र अनुदान योजना के तहत अब डीबीटी व्यवस्था लागू है। किसानों को पहले ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर परमिट (स्वीकृति पत्र) प्राप्त करना होता है। इसके बाद किसान अधिकृत डीलर से पूरे मूल्य पर यंत्र खरीदते हैं। खरीद की रसीद और यंत्र के साथ अपनी फोटो (जियो-टैगिंग) पोर्टल पर अपलोड करने के बाद, सब्सिडी की स्वीकृत राशि सीधे किसान के बैंक खाते में वापस कर दी जाती है।
Q4: पीएम किसान मानधन योजना में बीच में ही अंशदान बंद कर देने पर क्या जमा पैसे वापस मिलते हैं?
A4: हाँ, यदि कोई किसान इस पेंशन योजना से बीच में ही (60 वर्ष की आयु से पहले) बाहर निकलना चाहता है, तो उसे उसके द्वारा जमा की गई पूरी राशि बैंकों के बचत खाते के समान ब्याज दर के साथ वापस कर दी जाती है। इसलिए यह योजना पूरी तरह से सुरक्षित निवेश मानी जाती है।
निष्कर्ष
केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही ये **Top Sarkari Yojana For Farmers** आधुनिक समय में किसानों के लिए सुरक्षा का जाल बनती हैं। आवश्यक है कि हमारे देश और राज्य के किसान भाई पारंपरिक सोच से बाहर निकलकर इन डिजिटल पोर्टलों का उपयोग करना सीखें या सीएससी केंद्रों के माध्यम से जागरूक बनें। यदि सही समय पर इन सभी 7 योजनाओं का संतुलित उपयोग किया जाए, तो खेती की लागत में काफी कमी आएगी और प्राकृतिक नुकसान की स्थिति में भी आपकी वित्तीय स्थिरता बनाए रखी जाएगी। इस लेख को अपने व्हाट्सएप ग्रुप्स में अन्य किसान भाइयों और मित्रों के साथ अवश्य साझा करें। धन्यवाद!